अजमेर (अजमेर मुस्कान)। जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में सोमवार को एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में कामगारों को योजना के संबंध में विस्तार से बताया गया तथा मौके पर ही 300 से अधिक कामगारों का पंजीयन किया गया।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सहायक निदेशक गिरीश कुमार शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विचारों को साकार रूप देने के लिए कुल 18 श्रणियों के कामगारों को प्रधानमंत्राी विश्वकर्मा योजना के तहत रजिस्ट्रेशन करवाकर लाभ पहुंचाया जाता है। ये कामगार अपनी परम्परागत हस्तशिल्प को आज भी जीवित रखे हुए हैं। इनकी कला को ओर आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लिए इस योजना की शुरूआत सितम्बर 2023 में की। इस योजना से विभिन्न मंत्रालय जुड़े हैं। कामगारों का रजिस्ट्रेशन सीएससी के माध्यम से किया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन के उपरांत इनको 5 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। कामगारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के लिए प्रारंभ में एक लाख रूपए का णिं उपलब्ध करवाया जाता है।
अध्यक्ष रमेश सोनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी वसुधैव कुटुम्बकम की सोच को ध्यान में रखकर कार्य कर रहे हैं। मोदी ने युवा, महिला, किसान तथा गरीब के विकास को लेकर पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरूआत की। पुरातन संस्कृृति को बचाए रखने के लिए प्रधानमंत्री के द्वारा हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के द्वारा कामगारों को स्वावलम्बी बनाया जाएगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना को धरातल पर लागू करने के लिए इसका प्रचार-प्रसार होना आवश्यक होता है ताकि आमजन को योजना के बारे जानकारी मिल सके। प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं का मूल्यांकन करना चाहिए। इससे वह अपने स्तर का काम प्राप्त कर सकेगा। हम सभी को प्रधानमंत्री मोदी के साथ मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की तरफ कदम बढ़ाने हैं।
इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी पदमा देवी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के अधिकारी, जन शिक्षण संस्थान तथा लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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