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अजयमेरु प्रेस क्लब में साहित्य धारा का हुआ आयोजन

अजयमेरु प्रेस क्लब में साहित्य धारा का हुआ आयोजन

अजमेर (अजमेर मुस्कान)।
अजयमेरु प्रेस क्लब की मासिक साहित्यिक गोष्ठी साहित्य धारा का आयोजन प्रेस क्लब के वैशाली नगर, पेट्रोल पंप के पीछे स्थित भवन के सभागार में आयोजित किया गया। गोष्ठी में शहर के अनेक साहित्यकारों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत की।

गोष्ठी का आगाज़ मोहिनी देवी भाट ने मां सरस्वती की वंदना हे शारदे मां हमे ज्ञान दे मां से किया। उसके पश्चात भावना शर्मा ने गीत चलो हम राज करते हैं, नसीराबाद से आये वरिष्ठ गज़लकार राम अवतार यादव "सहर" ने ग़ज़ल अपने दिल में भी कभी झांक के देखा तूने, कवि एवं व्यंग्यकार प्रदीप गुप्ता ने व्यंग्य रचना रोते को तू और रुलाना समझेगा तब तुझे जमाना, वरिष्ठ कवि उमेश चौरसिया ने कविता फिर उपजेगी एक कविता और गज़ल खुद को ज्ञानी कहते हो ये क्या नादानी करते हो सुनाकर सभी को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। उसके पश्चात रमेश चंद भाट ने मन के लड्डू मन भर पाऊं, डॉ रंजना शर्मा ने संडे की व्यथा में संडे हूं, मुकेश कुमार आर्य ने जो जैसा है उसे वैसा ही रहने दो, डी.सी. देवड़ा ने अपना प्यारा कुंभ, पुष्पा क्षेत्रपाल ने कभी फूलों का कभी कांटों का ताज है जीवन, पूर्णिमा शर्मा ने मैंने कहा हसरतों से घर आना, सुनील कुमार मित्तल ने जिसको भुला ही नहीं कहते हैं उसे याद करूं, कुलदीप खन्ना ने विरासत में नहीं मिली है गरीबी, विक्रम सिंह गाफिल ने मित्रता का वरदान, जयगोपाल प्रजापति ने हर रात तेरे इंतजार में कटती है और सतीश गोधा ने आज की ताज़ा खबर तू आदि रचनाएं प्रस्तुत कर गोष्ठी को नई ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राम अवतार यादव ने की।  कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रदीप गुप्ता ने अनेक शेर और मुक्तक सुनाए। अंत में वरिष्ठ साहित्यकार उमेश चौरसिया ने सभी का आभार व्यक्त किया।

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